ममता भाग – 1
(आए दिन भगदड़ की घटनाएं होती रहती हैं, हम इस तरह की घटनाओं से इस...
(आए दिन भगदड़ की घटनाएं होती रहती हैं, हम इस तरह की घटनाओं से इस...
प्रकृति में कितनी विविधताएं हैं और प्रकृति से जुड़े त्यौहार कि भारत में। चमकीले रंग-...
यह जो महफ़िल सजी है, लगी है भीड़… खुशी में ठहाके लगाने वालों की बस्ती...
रिश्ते- नाते, परंपरा, मर्यादा, सामाजिक दायरे…. के सारे गिरह खोलकर, तोड़कर… मैंने तुमसे गांठ लगाया।...
वह वह दिन भी आ गया जब दोनों को मुंबई वापस जाना था तन्मय आज...
मेरे महबूब की महबूबा सुनो, सोचती हूं मैं, तुम कैसी दिखती होगी? जिन आंखों में...
समाज में रहने के लिए क्यों समाज होना पड़ता है? हम क्यों नहीं सिर्फ माता-पिता...
जब भी बहुत प्यार आया तुम पर, तो आई हंसी खुद पर, तुम्हें है जरूरत...
सौ फ़ीसदी औरतें और कुछ प्रतिशत पुरुष की जिंदगी में एक दिन यह अनुभव जरूर...
शादी की रस्में अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि मोहब्बत की रस्में शुरू हो...