एक सच
हाँ यह सच है – ऐसा सच, जिसे है छिपाना भी मुश्किल, बताना भी मुश्किल।...
हाँ यह सच है – ऐसा सच, जिसे है छिपाना भी मुश्किल, बताना भी मुश्किल।...
प्रीति पूनम मुझे भीड़ पसंद नहीं, घबराहट होती है मुझे भीड़ से पर पेड़ों की...
प्रीति पूनम किसी दिन एक कोरे काग़ज़ पर लिख देना, अपने ‘हूँ’और ‘हाँ’ के सारे...
जिस प्रकार पेड़ की सारी पत्तियाँ समान नहीं होती। हमारे हाथों की सारी उँगलियाँ समान...