April 4, 2025

खूबसूरत जिंदगी

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वह वह दिन भी आ गया जब दोनों को मुंबई वापस जाना था

तन्मय आज सुबह से ही जाने क्यों परेशान था, उसके बदले हाव- भाव, उसका चुप चुप सा हो जाना, सब रोजी को अजीब लग रहा था पर उसने सोचा- इतना बड़ा बिजनेसमैन है, हो सकता है कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करना हो, नया काम आ गया हो, या जाकर नए सिरे से बिजनेस को टाइम देना हो। इसलिए कुछ सोच- समझ रहा होगा।
वह कुछ पूछ पाती इससे पहले ही वह लगातार फोन पर तो कभी लैपटॉप पर बिजी था।
मुंबई पहुंचते ही वह बिना कुछ बताएं कहीं निकल गया। रोजी बहुत परेशान थी, उसने फोन किया तो तन्मय ने बस इतना कहा, कि वह ऑफिस में है।
वह देर रात आता था और सुबह जल्दी निकल जाता।
यह सिलसिला सप्ताह भर चलता रहा।
14 मार्च उसके लिए बहुत ही भयावह थी। तन्मय दो रातों से घर नहीं आया था।
वह अकेली हैरान परेशान सी बेतहाशा, पागलों की तरह कभी दरवाजे पर जाती, कभी छत पर, कभी ऊपर के फ्लोर पर, तो कभी नीचे आती, उसका यह लग्जरी विला उसे काटने को दौड़ता। दिन तो फिर भी गुजर जाता, पर रातें! इतनी लंबी रात, उसने अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं देखी थी। इन बीती रातों में याद आता रहा पलक झपकाने जैसे बीत जाने वाला वह फरवरी।
वह यादें जब भी सताती, वह पलकें झपकना भूल जाती और ठहरे हुए चंद आंसू उसकी गालों को भिंगा जाते, जिसे वह कभी अपनी उंगली के पोर पर रखकर निहारती हुई सोचती, यह गम के हैं या खुशी के
पर इसका जवाब उसे नहीं मिल पाता, कभी उन आंसुओं को गालों पर सूख जाने देती, जैसे कोई यादों की तस्वीर दीवारों पर टांग कर भूल जाता है। साथ ही बहुत सी भूली हुई बातें अचानक ही उसे याद आने लगती। टीचर के कहे शब्द, हर औरत में एक डिजाइनर छुपा होता है और बिना डिग्री वाला मैनेजर भी, औरतें घर की हर छोटी बड़ी चीज बहुत ही बारीकी से मैनेज कर लेती है। घर की हर चीज पर्दे से लेकर किचन के बर्तन तक बहुत ही करीने से सजाकर रखती है। इसलिए औरत को साज – सज्जा से लगाव होता है। यह उसके अंदर का डिजाइनर ही है।
फिर उसे मां के कहे शब्द याद आए, बचपन से ही तु बहादुर रही है किसी भी बात से घबराती नहीं है डटकर सामना करती है।
यह ऊर्जावान अनमोल यादें सिर्फ यादें नहीं थी जीवन की निराशा को आशा और हिम्मत में तब्दील करने की ताकत थी इन यादों में…
वह नई सुबह की किरण से अपनी जिंदगी को रोैशन करने के हौसले के साथ चैन की नींद सो गई।
सुबह वह तैयार होकर, पूजा करके ऑफिस पहुंच गई।
वहां उसने देखा तन्मय ऑफिस के रेस्ट रूम में सोया हुआ है, सामने शराब की कुछ बोतल पड़ी हुई है। वह समझ गई कि तन्मय परेशान है और शराब की बोतल में अपना सहारा ढूंढ रहा है। तन्मय की हालत ने उसे अंदर से तोड़ने की कोशिश की पर उसने खुद को संभाल लिया।
वह सीधे मैनेजर के केबिन में पहुंची, मैनेजर ने बताया तन्मय का ड्रीम प्रोजेक्ट जिसमें उसने अपनी जमा पूंजी का एक बहुत बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है, पर मार्केट से अच्छा रिस्पांस नहीं मिल रहा है ।
रोजी ने प्रोजेक्ट के “साइट” पर जाने की इच्छा जाहिर की और वहां जाकर विजिट किया,
और प्रोजेक्ट पर स्टडी भी करने लगी। वह रात-रात पर जागकर स्टडी करती लोगों की बेसिक जरूरतों का भी ख्याल रखा लोगों के छोटे-छोटे ड्रीम्स को भी नजर अंदाज नहीं किया। एक पब्लिक साइट बनाई उस पर लोगों के रिव्यू लिए, आखिर उसे तन्मय के ड्रीम प्रोजेक्ट में कुछ कमियां नजर आई। तन्मय लग्जरी और हाई-फाई सोसाइटी के बेस पर ही यह प्रोजेक्ट तैयार कर रहा था, कुछ भी डिफरेंस नहीं था, ऐसे प्रोजेक्ट मार्केट में भरे पड़े थे। उसने प्रोजेक्ट में हर टेरीस पर ग्रीन गार्डन ऐड किया, पार्क के लिए ऐसे पेड़ों का चुनाव किया जो खूबसूरत होने के साथ-साथ यूजफुल भी हो जैसे मेडिकेट हो, जिसमें फ्रूट्स और वेजिटेबल्स लगते हो. सोसाइटी के आरडब्ल्यूए के रखरखाव में सारे फ्रूट एंड वेजिटेबल सेल किए जाएंगे और उन पैसों को सोसाइटी के डेवलपमेंट के लिए ही उपयोग किया जाएगा।
स्विमिंग पूल के आसपास बत्तख और हंस के लिए भी एक छोटा सा तालाब होगा इन सबके रखरखाव लिए एक छोटा सा एरिया सर्वेंट क्वार्टर के लिए बनाया गया जहां वह पूरी फैमिली के साथ रह पाए और फैमिली के हर सदस्य को इसी सोसाइटी में काम मिले। जब यह प्रजेंटेशन डन हो गया तो मैनेजर ने तन्मय को बताया कि एक नया बिजनेसमैन हमारे डेमो फ्लैट में इंटरेस्टेड है पर कुछ चेंजिंग चाहता है। मैंने प्रेजेंटेशन मंगाया है आपको दिखाना चाहता हूं। तन्मय प्रेजेंटेशन देख दंग रह गया। उसकी आंखें फैल गई। उस प्रेजेंटेशन में रोजी ने अपने सारे पब्लिक रिव्यू भी डाले थे, जिसमें पब्लिक का इंटरेस्ट, नीड और कुछ प्रॉब्लम जो फ्लैट में रहने वाली लेडी फेस करती है सब ऐड था।
वह बहुत सरप्राइज था इतने समय से वह इस फील्ड में है उसने कभी नहीं सोचा था, उसके बड़े-बड़े इंजीनियर के डिजाइन के घर में भी कोई प्रॉब्लम हो सकती है।
वह मैनेजर को पास बुलाकर बोला आप उस बिजनेसमैन के साथ मीटिंग फिक्स करो। मैं उससे मिलना चाहता हूं। जिसकी सोच इतनी दूरदर्शी है।
मैनेजर ने धीरे से पूछा, सर! आपको प्रेजेंटेशन पसंद आई हो तो अभी मिला देता हूं, वह बहुत देर से इंतजार कर रही है।
मतलब वह कोई फीमेल है तभी मैं सोचूं, वह थोड़ा रुक कर बोला, घर की गृहणी के बारे में इतनी शिद्दत से एक गृहणी ही सोच सकती है,
तन्मय ने बहुत ही गंभीरता से कहा।
तन्मय की बात सुनते ही मैनेजर ने फोन करके रुचि को बुला लिया, जो बहुत बेसब्री से मैनेजर के केबिन में बैठ उसके फोन का इंतजार कर रही थी। रोजी को देखते ही तन्मय की आंखें आश्चर्य से फैल गई,। उसने मैनेजर की तरफ देखा तो मैनेजर ने आंखों से इशारा किया।
फिर बोला – जी सर! वह मैम ही है।
तन्मय कुर्सी छोड़कर खड़ा हो गया और अपनी बाहों को फैलाते हुए बोला , हमारी नई “बिजनेस पार्टनर” के लिए एक नया केबिन और एक छोटी सी पार्टी की व्यवस्था करो। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद हम इन्हें बेस्ट बिजनेसमैन का अवार्ड भी देना चाहते हैं, दोनों एक दूसरे की बाहों में समा चुके थे, और दोनों की आंखे भी नम थी। क्योंकि उन्होंने अपनी जिंदगी में” सच्चा वैलेंटाइन” पाया था जो सुख के ही नहीं दुख के भी साथी थे। सच्ची मोहब्बत हर राह में साथ निभाने के लिए होती है बीच रास्ते में छोड़ देने के लिए नहीं।
Priti kumari

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